गणेश चतुर्थी व्रत से घर में आती है सुख-समृद्धि

Ganesh Chaturthi 2022 Date: कब है गणेश चतुर्थी? जानें शुभ मुहूर्त, स्थापना  मंत्र, बप्पा को जरूर अर्पित करें ये चीजें - ganesh chaturthi 2022 date time  31 august shubh muhurat ...

भारतीय हिन्दू महीने में प्रत्येक चंद्र माह में दो चतुर्थी तिथियां होती हैं। पूर्णिमासी या कृष्ण पक्ष के दौरान पूर्णिमा को संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है और शुक्ल पक्ष के दौरान अमावस्या के बाद एक विनायक चतुर्थी के रूप में जाना जाता है।

आज गणेश चतुर्थी है, गणेश जी आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि आती है तो आइए हम आपको गणेश चतुर्थी की पूजा विधि एवं महत्व के बारे में बताते हैं।

गणेश चतुर्थी की जानकारी

भारतीय हिन्दू महीने में प्रत्येक चंद्र माह में दो चतुर्थी तिथियां होती हैं। पूर्णिमासी या कृष्ण पक्ष के दौरान पूर्णिमा को संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है और शुक्ल पक्ष के दौरान अमावस्या के बाद एक विनायक चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। उपवास को सख्त माना जाता है और केवल फल, जड़ें जैसे आलू इत्यादि और वनस्पति उत्पादों का सेवन करना चाहिए। गणेश चतुर्थी को हिंदुओं में गणेश संकटहरा या संकटहरा चतुर्थी के रूप में भी जाना जाता है।

गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत मंगलवार, 13 सितंबर 2022 को सुबह 10:37 बजे से होगी और इसका समापन बुधवार, 14 सितंबर 2022 को सुबह 10:23 बजे होगा। वहीं विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत 13 सितंबर को रखा जाएगा।

गणेश चतुर्थी से जुड़ी कथा

शिवपुराण में एक कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार माता पार्वती ने स्ननान करते समय अपनी मैल से एक पुत्र उत्पन्न कर द्वारपाल बना दिया। शिवजी जब लौट कर आए तो उस बालक ने प्रवेश करने से मना कर दिया। इस पर शिवगणों ने बालक के साथ संग्राम किया लेकिन कोई बालक से जीत नहीं सका। इस पर शंकर जी त्रिशूल से उस बालक का सिर काट दिया। शिव जी के इस बर्ताव पर माता पार्वती बहुत क्रुद्ध हुईं। इस पर नारद के साथ अन्य देवताओं ने जगदम्बा को स्तुति कर शांत किया। शिव जी के कहने पर विष्णु जी रास्ते में पड़ने वाले पहले जीव का सिर लेकर आए उस बालक धड़ पर स्थापित कर दिया। इस पर जगदम्बा अति प्रसन्न हुई और उसे सभी देवताओं में श्रेष्ठ होने का आर्शीवाद दिया। शिव जी ने कहा हे गिरिजानंदन तू सुख-समृद्धि का स्वामी होगा। भादो मास की कृष्णपक्ष की चतुर्थी को चंद्रोदय के बाद उदित होने के कारण समस्त संसार तेरी अराधना करेगी। गणेश जी की व्रत तथा पूजा से घर में सुखों का वास होगा।

गणेश पूजा का महत्व 

गणेश पूजा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व है। भगवान गणेश सुख और समृद्धि के देवता हैं। ऐसी मान्यता है कि गणेश जी की पूजा करने से सुख, समृद्धि और बुद्धि आती है। इस बार कई तरह के ग्रहों के संयोग से शुभ मुहूर्त बन रहा है इसलिए इस वर्ष गणेश पूजा का विशेष महत्व है।

गणेश चतुर्थी पर मनोकामनाओं को पूरा करने के उपाय

घी का दीपक जलाएं और भगवान गणेश को गेंदे का फूल व गुड़ का भोग लगाएं इस उपाय से शुभ फलों की प्राप्ति होगी। भगवान गणेश को हरा रंग बेहद ही प्रिय होता है ऐसे में गणेश चतुर्थी के पूजन पर उन्हें साफ हरे रंग का वस्त्र पहनाएं। वही उनकी प्रतिमा के नीचे पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। इस उपाय से समस्याओं का हल जल्दी निकलेगा। भाग्योदय के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के मस्तक पर चंदन, सिंदूर व अक्षत का तिलक जरूर करें। श्री गणेश चतुर्थी के दिन गाय को हरा चारा खिलाने से ग्रह दोष खत्म हो जाते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन पांच दूर्वा में ग्यारह गांठें लगा कर इसे किसी लाल कपड़े में बांध दे और फिर भगवान गणेश के सामने रख दें। व्यवसाय में उन्नति के लिए श्री गणेश चतुर्थी के दिन हरे मूंग का दान करें। इसे करने से बुध देवता प्रसन्न होते हैं। बुध देवता किसी भी जातक की कुंडली में व्यापार और संचार के कारक माने गए हैं।

गणेश चतुर्थी के दिन करें यंत्र की स्थापना

गणेश चतुर्थी के दिन गणेश यंत्र की स्थापना करें। इस यंत्र की स्थापना व पूजा करने से नकारात्मक ऊर्जा हटती है। साथ ही घर में सुख- समृद्धि का वास रहेगा। सबसे पहले यंत्र को गंगाजल से शुद्ध कर लें। इसके बाद धूप- अगरबत्ती दिखाकर यंत्र को पूजा स्थल में स्थापित करें।

गणेश भगवान की पसंदीदा चीजें चढ़ाएं

दूर्वा घास गणेश जी को बेहद प्रिय है, इसलिए भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा घास को जरूर शामिल करें। इससे गणपति बप्पा प्रसन्न होंगे और आपकी सभी मनोकामना पूरी करेंगे। पंडितों के अनुसार, लाल फूल भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं। इसके बिना बप्पा की पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश को लाल फूल जरुर चढ़ाएं।

गौरी पुत्र श्री गणेश को मोदक और लड्डू बेहद प्रिय है। ऐसे में आप गणेश जी की पूजा के दौरान मोदक और लड्डू का भोग जरूर लगाएं, क्योंकि लड्डू और मोदक के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इस दिन भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक जरूर लगाना चाहिए। गणेश जी को सिंदूर बेहद पसंद है। इसके बिना विघ्नहर्ता गणेश की पूजा अधूरी मानी जाती है। भगवान गणेश को केले का भोग जरूर लगाएं। केला एकदन्त को बेहद प्रिय है। लेकिन एक बात का जरूर ध्यान रखें कि एक केला चढ़ाने के बजाय इसे जोड़े में चढ़ाएं।

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