जनवरी में चार ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन, करें पूजा-पाठ और दान

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि जनवरी 2023 में सूर्य का गोचर धनु से मकर राशि में 14 जनवरी को होगा। फिर 17 जनवरी को न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव मकर राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

नए साल के पहले महीने में कई प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन और चाल में बदलाव देखने को मिलेगा। साल से पहले ही महीने में शनि का राशि परिवर्तन होगा। ज्योतिष में शनि के राशि परिवर्तन का विशेष महत्व होता है। जनवरी 2023 में कुल मिलाकर चार ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा जबकि 2 ग्रहों की चाल बदलेगी। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा.अनीष व्यास ने बताया कि जनवरी 2023 में शनि के साथ सूर्य और शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन होगा। इसके अलावा बुध और मंगल ग्रह वक्री से मार्गी होंगे। जनवरी में 3 ग्रहों के राशि परिवर्तन और 2 ग्रहों के चाल में बदलाव से कुछ राशि के जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि जनवरी 2023 में सूर्य का गोचर धनु से मकर राशि में 14 जनवरी को होगा। फिर 17 जनवरी को न्याय और कर्मफलदाता शनिदेव मकर राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। 22 जनवरी 2023 शुक्र कुंभ राशि में आ जाएंगे। इसके अलावा बुध और मंगल जनवरी में ही वक्री से मार्गी हो जाएंगे। मंगल 12 जनवरी को मार्गी होंगे जबकि बुध 18 जनवरी 2023 को मार्गी होंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों के लिए जनवरी के महीने में विशेष सावधानियां बरतनी होगी। ज्योतिष गणना के अनुसार जब कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका असर हर राशि के जातकों के जीवन पर पड़ता है।

सूर्य का गोचर 

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य 14 जनवरी 2023 को धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस राशि में 13 फरवरी तक विराजमान रहेंगे। इसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के राशि बदलते ही शुभ काम शुरू हो जाएंगे। मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी।

शनि का गोचर

कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि कुंभ राशि में 17 जनवरी 2023 को प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि में 29 मार्च 2025 तक रहेंगे। ज्योतिष गणना के अनुसार पूरे 26 माह तक शनिदेव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे।

शुक्र का गोचर

भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार, शुक्र ग्रह 22 जनवरी को कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि में 15 फरवरी तक रहेंगे। इसके बाद मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

मंगल का मार्गी 

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक, वक्री मंगल ग्रह इस समय वृषभ राशि में विराजमान हैं। वहीं 13 जनवरी 2023 को मंगल वृषभ राशि में मार्गी हो जाएंगे। जिसके प्रभाव से प्राकृतिक परिवर्तन होगा। बारिश के योग बनेंगे। साथ ही ठंड भी अपना असर दिखाएगी।

बुध का मार्गी 

कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष गणना के अनुसार, इस समय बुध धनु राशि में वक्री अवस्था में विराजमान है। वहीं 18 जनवरी को इसी राशि में मार्गी हो जाएंगे। इसके बाद 7 फरवरी को बुध मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मार्गी होते ही शनि की सीधी चाल शुरू हो जाएगी। फिर ये सभी लोगों को शुभ फल देने लगते हैं।

शुभ प्रभाव-  मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन

अशुभ प्रभाव- वृष, सिंह, तुला और कुंभ

मिलाजुला प्रभाव- मेष कर्क, कन्या और धनु

ग्रहों के गोचर का प्रभाव

भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि बीमारियों के इलाज में भी नए-नए आविष्कार होंगे। नई-नई दवाइयां और तकनीक विकसित होगी। कोरोना के नए वेरिएंट का नहीं होगा भारत पर बड़ा असर। दुर्घटनाएं अप्रिय घटनाएं हिंसा, प्राकृतिक आपदा होने की आशंका। फिल्म एवं राजनीति से दुखद समाचार। शुक्र बुध और सूर्य के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी। बीमारियों में कमी आएगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आय में इजाफा होगा। वायुयान दुर्घटना होने की संभावना। पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा होंगे। सत्ता संगठन में बदलाव होंगे। पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा। देश में आंदोलन, हिंसा, धरना प्रदर्शन हड़ताल, बैंक घोटाला, वायुयान दुर्घटना, विमान में खराबी, उपद्रव और आगजनी की स्थितियां बन सकती है।

करें पूजा-पाठ और दान

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। भगवान शिव और माता दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए।

– डा. अनीष व्यास

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक

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