मैहर में 1 दिन में 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ प्राप्‍त किया

कोरोना काल के 2 साल बाद इस बार नवरात्रि पर मध्यप्रदेश के माता मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब पहुंचा। मैहर की मां शारदा भवानी हों या सलकनपुर की विजयासन माता, यहां श्रद्धालुओं की तादाद लाखों में रही।

नलखेड़ा के मां बगलामुखी मंदिर, देवास में टेकरी माता, उज्जैन के मां हरसिद्धि, नीमच के भादवा माता, रायसेन की कंकाली माता, दतिया में रतनगढ़ माता मंदिर और पीतांबरा पीठ में भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा।

सतना के मैहर के त्रिकूट पर्वत पर विराजीं विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी माता शारदा के दरबार में 9 दिन का मेला लगा है। यहां 9 दिन में देशभर से लाखों श्रद्धालु आए। अकेले सप्तमी पर 3 लाख भक्तों ने माथा टेका। अष्टमी पर भी देवी दर्शन के लिए भक्तों की कतार रात से ही लगी रही। मप्र के अलावा यहां देशभर से भक्त पहुंचे। नवरात्रि के कारण कई ट्रेनों के स्पेशल स्टॉपेज बनाए गए।

मां बगलामुखी मंदिर आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में है। सभी कामों की सिद्धि दात्री मां बगलामुखी के एक ओर धनदायिनी महालक्ष्मी और दूसरी और विद्यादायिनी महा सरस्वती विराजित हैं। यहां से ही पांडवों को विजयश्री का वरदान मिला था। नवरात्रि के मौके पर यहां 3 लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन किए। यहां लगातार हवन-पूजन का दौर चलता रहा।

देवास में प्रसिद्ध मां तुलजा भवानी बड़ी माता व मां चामुंडा छोटी माता का मंदिर है। अष्टमी तक माता टेकरी पर 11 लाख श्रद्धालु माता के दर्शन काे पहुंचे। सप्तमी पर ही 4 लाख से अधिक श्रद्धालु टेकरी पहुंचे। इस कारण एबी रोड पर इंदौर की तरफ करीब 5 किमी तक लंबी लाइन लगी रही। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से अलग-अलग चुनरी यात्रा निकाली गई।

दतिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध देवी तांत्रिक शक्ति पीठ मां पीतांबरा मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों की भीड़ रही। मंदिर में देवी भक्तों को सुरक्षा के बीच से होकर गुजरना पड़ा। पहले दिन से ही पीठ में अनुष्ठान शुरू हो गया, जो नवमीं तक चलता है। स्थानीय साधकों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले साधक भी साधना में लीन हैं। यहां भी 3 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे।

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