Vastu Tips: सुख समृद्धि और अच्छी सेहत के लिए आजमाएं वास्तुशास्त्र के नियम

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घर के सदस्यों का अकारण ही बीमार होना या बेवजह घर के लड़ाई-झगड़े का कारण वास्तु दोष हो सकता है। वास्तु शास्त्र में घर में रखी हर चीज का महत्व बताया गया है। वास्तु के इन नियमों का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और सेहत से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं।

वास्तु पंडितो के अनुसार यदि घर में वास्तु दोष है तो घर के सदस्यों की तरक्की नहीं होती है, धनहानि और घर में क्लेश होता रहता है । अगर आपके साथ भी यह परेशानियां हैं और तमाम कोशिश के बाद भी इन परेशानियों से छुटकारा नहीं मिल रहा है तो वास्तु के कुछ आसान उपायों से आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। आइये जानते हैं वास्तु के कौन से उपायों से वास्तु दोष से छुटकारा पाया जा सकता है-

बेडरूम के लिए वास्तु नियम

बेडरूम में दर्पण नहीं लगाना चाहिए अगर आपने दर्पण लगाया है तो इसे ठीक बेड के सामने नहीं लगाना चाहिए। बेड रूम में मंदिर कभी ना बनायें यह पितृ दोष का कारण हो सकता है। बेड के सिरहाने दीवार घड़ी या पूर्वजों की तस्वीर नहीं होनी चाहिए। बेडरूम को हल्का नीला, लाइट पिंक, आसमानी और सफ़ेद रंग से पेंट कराएं। बेडरूम पश्चिम दिशा में होना चाहिए। बेड के नीचे जूते-चप्पल और कूड़ा करकट ना जमा करें।

आग्नेय कोण के लिए वास्तु नियम     
वास्तु के अनुसार घर के आग्नेय कोण में सात घोड़ों की तस्वीर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। आग्नेय कोण घर का पूर्व और दक्षिण दिशा का मध्य भाग होता है। इस दिशा का स्वामी ग्रह शुक्र ग्रह को माना गया है। इस दिशा में नल, पानी की टंकी और सिंक नहीं लगाना चाहिए। इस दिशा में बेडरूम नहीं बनाना चाहिए, इससे आपको अनिद्रा की परेशानी हो सकती है।

बाथरूम के लिए वास्तु नियम
 
घर के आग्नेय कोण और ईशान कोण में बाथरूम नहीं बनाना चाहिए। घर के मध्य में भी बाथरूम बनवाना भी वास्तु के हिसाब से उचित नहीं है, यह घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में बना होना चाहिए। यहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा होती है अतः इस स्थान की सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर के मुख्य द्वार पर कभी बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए।   

पूजा स्थान के लिए वास्तु नियम

घर में पूजा का स्थान ईशान कोण में होना चाहिए, ईशान कोण घर का ब्रह्म स्थान माना जाता है। पूर्व और उत्तर दिशा के कोने को ईशान कहते हैं। इस दिशा पर शिव जी का अधिकार माना जाता है। इसलिए शिवजी को ईशान भी कहा जाता है। घर के ईशान को हमेशा साफ़ रखें। पूजा घर में शंख और घंटी रखना भी शुभ माना जाता है।

किचन के लिए वास्तु नियम

घर में किचन उत्तर पश्चिम या दक्षिण-पूर्व जिसे अग्नि कोण कहते है वहां बना होना चाहिए। इस दिशा में अग्नि देव का अधिकार माना जाता है। खाना बनाते समय मुँह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। सिंक ईशान कोण में होना चाहिए। खिड़किया पूर्व और पश्चिम दिशा में बनी होनी चाहिए। किचन में फल सब्जियों की तस्वीर लगाएं। यहां माता अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाना शुभ माना जाता है।

अन्य सावधानियां

– घर के मुख्य द्वार पर डस्टबिन ना रखें।
– रात को किचन में गंदे बर्तन रखने से सेहत संबंधी परेशानी हो सकती है।
– मुख्य द्वार पर जूते- चप्पल ना जमा करें।
– घर में तुलसी का पौधा लगाएं और उसकी पूजा करें।
– घर की उत्तर दिशा में हरे पौधे लगाना शुभ होता है।



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